नवरात्रि में सलकनपुर धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, मां विजयासन के जयकारों से गूंज रहीं वादियां
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में दिख रहा भक्ति और समर्पण का भाव, नर्मदापुरम-नरसिंहपुर के ग्रामीण अंचलों से पैदल पहुंच रहे श्रद्धालु
छगन कुशवाहा
नर्मदापुरम् पिपरिया । शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर मां विजयासन धाम सलकनपुर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मां विजयासन के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। नर्मदापुरम और नरसिंहपुर जिले सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त माता रानी के दरबार में पहुंच रहे हैं। कोई परिवार के साथ दर्शन करने निकल पड़ा है, तो कोई माता के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और विश्वास के साथ पैदल ही धाम की यात्रा कर रहा है। पूरे मार्ग में मां के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया है।
नवरात्र के दिनों में सलकनपुर धाम की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के कदम आस्था की गहरी तस्वीर पेश कर रहे हैं। यात्रा में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग महिला-पुरुष तक शामिल हैं। उम्र और थकान की परवाह किए बिना श्रद्धालु मां विजयासन के दर्शन की लालसा लेकर आगे बढ़ रहे हैं। किसी के हाथ में पूजा की थाली है, तो कोई चुनरी और नारियल लेकर माता के दरबार में हाजिरी लगाने जा रहा है। श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह और मन में माता के प्रति समर्पण का भाव साफ नजर आता है।
पैदल यात्रा में दिख रही अटूट श्रद्धा
सलकनपुर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि मां के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने का माध्यम भी है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कई भक्त समूहों में पैदल यात्रा कर रहे हैं। रास्ते में माता रानी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। थकान के बावजूद भक्तों की जुबान पर मां विजयासन का नाम और मन में दर्शन की आस बनी हुई है।
बच्चों के साथ यात्रा करते परिवार हों या बुजुर्गों के साथ धाम पहुंचते श्रद्धालु, हर कोई मां के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए उत्साहित नजर आ रहा है। नवरात्र के इस पावन अवसर पर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का यह दृश्य लोगों को धार्मिक आस्था की शक्ति का एहसास करा रहा है।
जयकारों से भक्तिमय हुआ धाम का वातावरण
नवरात्र के दौरान सलकनपुर धाम में मां विजयासन के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो रहा है। भक्त मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना लेकर पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, तो कई भक्त नवरात्र में मां के दरबार में मत्था टेकने की मनोकामना लेकर आते हैं।
धार्मिक आस्था से जुड़ा यह नजारा बताता है कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच भी लोगों के मन में अपनी आराध्य देवी के प्रति विश्वास कितना गहरा है। मां विजयासन के दरबार की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के कदम और वातावरण में गूंजते जयकारे नवरात्र की धार्मिक महत्ता को जीवंत कर रहे हैं।
आस्था का केंद्र बना मां विजयासन धाम
सलकनपुर स्थित मां विजयासन धाम नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। दूर-दराज के गांवों से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। किसी की प्रार्थना परिवार की खुशहाली के लिए है, तो कोई जीवन में सुख-शांति की कामना लेकर मां के चरणों में शीश झुकाने आ रहा है।
नवरात्र का यह पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को आपसी जुड़ाव, सेवा, समर्पण और विश्वास का संदेश भी देता है। सलकनपुर धाम में उमड़ती भीड़ और पैदल यात्रा करते भक्तों का उत्साह इसी धार्मिक भावना को दर्शाता है।
मां विजयासन के जयकारों के बीच सलकनपुर धाम की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं की यह यात्रा नवरात्र की जीवंत तस्वीर बन गई है, जहां हर कदम पर भक्ति और हर मन में माता के प्रति अटूट विश्वास दिखाई दे रहा है।




