हिंदी साहित्यकारों की रचनाओं से विद्यार्थियों को कराया परिचित, व्याख्यान में गूंजा साहित्य का गौरव
छगन कुशवाहा
पिपरिया। शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदी पखवाड़े के समापन कार्यक्रमों की कड़ी में सोमवार को हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण साहित्यकारों पर केंद्रित व्याख्यान हुआ। भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ एवं हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. राजीव माहेश्वरी के मार्गदर्शन में हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी साहित्यकारों के योगदान से परिचित कराने के साथ हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति रुचि विकसित करना रहा।
व्याख्यान में हिंदी विभाग की डॉ. कविता नामदेव ने तुलसीदास, सूरदास और कबीरदास के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन साहित्यकारों की रचनाएं आज भी समाज और जीवन को दिशा देने का कार्य कर रही हैं। रामचरितमानस, कबीर के दोहे और सूरदास की रचनाओं की प्रासंगिकता पर भी चर्चा की गई।
दूसरे वक्ता डॉ. संगीता साहू ने प्राचीन साहित्यकारों से लेकर आधुनिक दौर के साहित्यकारों तक हिंदी साहित्य के विकास पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र और मुंशी प्रेमचंद के साहित्य, उपन्यासों एवं कहानियों के माध्यम से हिंदी साहित्य के विकास को समझाया।
कार्यक्रम का संचालन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी महेंद्र कुमार चौकसे ने किया। आभार प्रदर्शन डॉ. मीनू सिंह ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक, महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।




