Type Here to Get Search Results !

पिपरिया के पत्रकारों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, सोशल मीडिया आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग

पिपरिया के पत्रकारों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, सोशल मीडिया आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग



पत्रकार पर पैसे मांगने और झूठी खबरें प्रकाशित करने के आरोपों को बताया निराधार, धमकी के आरोप की भी जांच की मांग



छगन कुशवाहा 

पिपरिया। सोशल मीडिया पर पत्रकार नर्मदा पटेल के खिलाफ कथित रूप से पैसे मांगने, झूठी खबरें प्रकाशित करने और दबाव बनाने संबंधी आरोप लगाए जाने के मामले में पिपरिया के पत्रकारों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम के नाम ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाने और आरोप गलत पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।


ज्ञापन में बताया गया कि 13 सितंबर को प्रयाग राज रघुवंशी की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट प्रकाशित की गई, जिसमें पत्रकार नर्मदा पटेल पर गंभीर आरोप लगाए गए। पत्रकारों के अनुसार सार्वजनिक मंच पर लगाए गए ऐसे आरोपों से उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। पत्रकारों ने मांग की कि यदि पैसे मांगने या झूठी खबर प्रकाशित करने के आरोप लगाए गए हैं तो उनके समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं।


गोली मारने की धमकी के आरोप की भी जांच हो


पत्रकारों ने बताया कि नर्मदा पटेल ने फेसबुक लाइव के माध्यम से दावा किया कि उनके परिचित के पास प्रयाग राज की ओर से फोन किया गया और मंगलवारा चौराहा, भोपाल तथा नर्मदापुरम में गोली मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। पत्रकारों ने इस दावे की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में कॉल रिकॉर्ड सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर वास्तविकता सामने लाई जाए।


सांसद प्रतिनिधि होने के दावे की जांच की मांग


ज्ञापन में प्रयाग राज रघुवंशी द्वारा स्वयं को नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी का प्रतिनिधि बताए जाने संबंधी दावे की भी जांच कराने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि यदि वे अधिकृत प्रतिनिधि हैं तो उनका नियुक्ति-पत्र या प्राधिकरण जांचा जाए और यदि अधिकृत नहीं हैं तो सांसद प्रतिनिधि के रूप में पहचान प्रस्तुत करने के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


पचमढ़ी होटल विवाद की भी जांच हो


पत्रकारों ने पचमढ़ी के एक होटल से जुड़े कथित कब्जे के विवाद का भी ज्ञापन में उल्लेख किया है। उन्होंने होटल संचालिका अंजली सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायतों या दस्तावेजों की तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि इस पूरे मामले में कहीं सांसद दर्शन सिंह चौधरी के नाम या सार्वजनिक छवि का अनुचित उपयोग तो नहीं किया जा रहा।


पत्रकारों ने एसपी से मांग की कि सोशल मीडिया पोस्ट, उसके प्रसार, कथित धमकी, सांसद प्रतिनिधि होने के दावे और पचमढ़ी होटल विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आरोप झूठे या दुर्भावनापूर्ण पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.