: हरिशंकर कुशवाहा (पिपरिया)
एक मुलाकात नाना पाटेकर से : यादगार पल बना 'स्टार नाना' का ऑटोग्राफ
*पिपरिया (नर्मदापुरम)।* कुछ मुलाकातें जिंदगी भर याद रह जाती हैं। ऐसी ही एक यादगार मुलाकात सन 1999 की है, जो आज भी मन में ताजा है।
बात उन दिनों की है जब पचमढ़ी में फिल्म *'तरकीब'* की शूटिंग चल रही थी। शूटिंग से लौटते समय प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर जी की कार पिपरिया रेलवे गेट पर रुकी हुई थी।
संयोग से उसी समय मेरा भी रेलवे गेट से निकलना हुआ। कार के शीशे पर लोगों की नजर पड़ी और देखते ही देखते लोगों ने पहचान लिया कि कार में नाना पाटेकर जी हैं। फिर क्या था, लोगों ने उनसे मिलना शुरू कर दिया।
नाना जी की सबसे बड़ी खासियत वहीं दिखी। कोई घमंड नहीं, कोई दिखावा नहीं। बेहद *सहज और सरल अंदाज* में वो सभी से हाथ मिला रहे थे, बात कर रहे थे और ऑटोग्राफ दे रहे थे।
उसी दौरान मैंने भी समय गंवाए बिना उनसे मुलाकात की, हाथ मिलाया और उनसे ऑटोग्राफ लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए डायरी में लिखा -*👉 स्टार नाना 👈*
वो पल आज भी मेरी जिंदगी का सबसे यादगार पल है। एक बड़े स्टार का जमीन से जुड़ा होना ही उन्हें महान बनाता है