लाइसेंस की क्षमता से ज्यादा पटाखों के भंडारण का आरोप, थोक कारोबार पर उठे सवाल
पिपरिया-सोहागपुर में अवैध भंडारण की शिकायतें, सांसद ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी; फुटकर व्यापारियों ने कलेक्टर से जांच कराने की मांग की
पिपरिया। दीपावली से पहले पिपरिया और सोहागपुर क्षेत्र में पटाखों के थोक कारोबार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फुटकर पटाखा व्यापारियों ने कुछ थोक कारोबारियों पर लाइसेंस की निर्धारित क्षमता से अधिक पटाखों का भंडारण करने, आबादी क्षेत्र में दुकानें संचालित करने और मनमाने दाम पर पटाखे बेचने के आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो नियमों का पालन करने वाले दुकानदारों के सामने भी प्रतिस्पर्धा की समस्या खड़ी होगी।
व्यापारियों के अनुसार, दीपावली पर बिक्री के लिए क्षेत्र में बड़ी मात्रा में पटाखे मंगाए गए हैं। कुछ कारोबारियों द्वारा चार ट्राला पटाखे मंगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, भंडारण की वास्तविक मात्रा और लाइसेंस की निर्धारित क्षमता से अधिक स्टॉक होने की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सांसद ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश
पटाखों के कथित अवैध भंडारण और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बीच शनिवार को पिपरिया पहुंचे सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से पटाखों का कारोबार करने वाले सावधान हो जाएं। नियमों को ताक पर रखकर पटाखों का भंडारण या विक्रय करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को मामले में कार्रवाई के निर्देश देने की बात भी कही।
गोदाम कहीं और, कारोबार कहीं और करने की शिकायत
फुटकर पटाखा व्यापारियों का आरोप है कि पिपरिया और सोहागपुर की सीमा के आसपास कुछ थोक कारोबारियों ने गोदाम बना रखे हैं, जबकि कारोबार दूसरे स्थानों से किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण संबंधित विभागों की निगरानी और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती।
कुछ व्यापारियों ने यह भी दावा किया कि पूर्व में लाइसेंस क्षमता से अधिक भंडारण और अन्य अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसी शिकायतें दोबारा उठ रही हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
प्रभावशाली लोगों को पटाखे देने के आरोप भी उठे
कुछ फुटकर विक्रेताओं ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर आरोप लगाया कि कथित तौर पर कुछ व्यापारी प्रभावशाली लोगों को 500 से 1,000 रुपये तक के पटाखे उपहार में देते हैं। उनका दावा है कि इससे नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई प्रभावित होती है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। ऐसे में संबंधित विभागों से शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
फुटकर व्यापारी संघ ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
इधर, पिपरिया फटाका व्यापारी संघ के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने अध्यक्ष पं. हर्षित शर्मा के नेतृत्व में तहसीलदार वैभव बैरागी से मुलाकात कर एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने दीपावली फटाका बाजार के लिए 30 अक्टूबर 2026 तक स्थान आवंटित करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि समय पर स्थान निर्धारित नहीं होने से फुटकर व्यापारियों को दुकानें तैयार करने, लाइसेंस संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने और सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था बनाने में परेशानी होती है। व्यापारियों ने प्रशासन से नगर पालिका को आवश्यक निर्देश देने की मांग भी की है।
कलेक्टर से जिला स्तरीय जांच टीम बनाने की मांग
फुटकर पटाखा व्यापारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि पिपरिया और सोहागपुर क्षेत्र में पटाखों के भंडारण स्थलों, लाइसेंस की शर्तों और विक्रय व्यवस्था की जांच के लिए जिला स्तर के अधिकारियों की टीम गठित की जाए। टीम मौके पर पहुंचकर गोदामों का निरीक्षण करे और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री और भंडारण की व्यवस्था पर प्रशासन कितनी गंभीरता से निगरानी करता है। शिकायतों की निष्पक्ष जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि कहां नियमों का पालन हो रहा है और कहां अनियमितताएं हैं। साथ ही, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि त्योहार के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।




